मां अपने बेटे के फेरे क्यों नहीं देखती है? जानें नियम
Source:
कहा जाता है कि इस प्रथा की शुरुआत मुगल काल से हुई थी। जब मुगल शासन के दौरान बारात निकलती थीं, तब महिलाएं घर की सुरक्षा के लिए रुक जाती थीं। इसके पीछे का कारण डकैती और चोरी से बचाव था।
Source:
बेटे की शादी में मां का ना जाना घर की देखभाल का कारण हो सकता है। शादी के दौरान सभी लोग बारात में चले जाते है और इसके पीछे मां घर में ही रुक जाती हैं।
Source:
विवाह के संपन्न होने के बाद गृह प्रवेश की रस्म होती है। इस दौरान दुल्हन की पूजा की जाती है और दरवाजे पर कलश रखा जाता है। इसी रस्म की तैयारी के लिए मां घर में रुकती है।
Source:
माना जाता है कि उत्तराखंड, बिहार और राजस्थान साइड की महिलाएं अपने बेटे की शादी के फेरे नहीं देखती हैं। लेकिन समय के साथ - साथ सोच में बदलाव आया है और आजकल मां अपने बेटे की शादी में जाती हैं। कहा जाता है कि मां अपने बेटे के फेरे नहीं देखती।
Source:
Thanks For Reading!
विराट-पंत से रोजर फेडरर तक, इन प्लेयर्स ने देखा जोकोविच का जादू
Find Out More
Find Out More
Opening
/webstories/sports/विराट-पंत-से-रोजर-फेडरर-तक -इन-प्लेयर्स-ने-देखा-जोकोविच-का-जादू/1752