चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: किडनी बेचने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गिरोह के खुलासे के बाद हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं। सोलापुर से मुख्य एजेंट रामकृष्ण की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ा है। इसी कड़ी में एसआईटी ने एक और एजेंट को चंडीगढ़ के मोहाली से दबोचा है। आरोपी की पहचान हिमांशु भारद्वाज के रूप में हुई है, जिसे गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है।
एसआईटी सूत्रों के मुताबिक, मोहाली से पकड़ा गया आरोपी जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर किडनी बेचने के लिए तैयार करता था। वह सोशल मीडिया के जरिए लोगों से संपर्क कर उन्हें अपने जाल में फंसाता था। इसी बीच पुलिस ने अवैध साहूकारी के एक अन्य मामले में फरार आरोपी घाटबांधे को भी गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस केस में पकड़े गए पांच साहूकारों को जेल भेजा जा चुका है।
फिलहाल अवैध साहूकारी और किडनी बेचने से जुड़े मामलों में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। जांच में सामने आया है कि नागभीड़ तहसील के मिंथूर गांव के युवा किसान रोशन कुडे ने कर्ज चुकाने के दबाव में अपनी किडनी बेच दी थी। इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार सोलापुर निवासी रामकृष्ण मल्लेशाम सूनचू बताया जा रहा है, जिसने रोशन कुडे समेत एक दर्जन से अधिक लोगों की किडनी कंबोडिया में बिकवाने की बात कबूल की है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कर्ज में डूबे रामकृष्ण ने सबसे पहले खुद अपनी किडनी कंबोडिया में बेची थी, इसके बाद वह कमीशन एजेंट बन गया। सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2018 से 2025 के बीच वह करीब पांच बार कंबोडिया गया। रामकृष्ण के साथ चंडीगढ़ और पश्चिम बंगाल के दो अन्य एजेंटों की भूमिका भी उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि चंडीगढ़ का आरोपी ‘किडनी डोनर कम्युनिटी’ नाम से एक सोशल मीडिया पेज भी चला रहा था। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद गिरोह से जुड़े कई और बड़े खुलासे होंगे।