चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खराब मौसम और घने कोहरे के दौरान उड़ानों में देरी और टेकऑफ से जुड़ी परेशानियों को जल्द ही कम किया जाएगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने रनवे-11 पर लगे पुराने इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) को कोरिया से लाए गए नए और उन्नत सिस्टम से बदलने का निर्णय लिया है।
अपग्रेडेशन का महत्व:
एयरपोर्ट पर पहले से ही ILS, VOR नेविगेशन सिस्टम और DME (Distance Measuring Equipment) उपलब्ध हैं।
भारी कोहरे में टेकऑफ और लैंडिंग की क्षमता सीमित रहती थी।
नया सिस्टम कैटेगरी-1 डिक्लेयर होगा और कैटेगरी-2 की सुविधा भी देगा।
इससे खराब मौसम में टेकऑफ और लैंडिंग के लिए विजिबिलिटी में सुधार होगा और उड़ानों की देरी या रद्द होने की समस्याएं कम होंगी।
काम की समयसीमा:
सिस्टम के उपकरण कोरिया से एयरपोर्ट पर पहुंच चुके हैं।
एयरफोर्स से एनओसी (No Objection Certificate) मिलते ही अपग्रेडेशन कार्य शुरू किया जाएगा।
एयरफोर्स की सलाह के अनुसार काम फरवरी के दूसरे सप्ताह में शुरू होगा।
काम पूरा होने तक एयरपोर्ट बंद नहीं किया जाएगा।
उम्मीद है कि मार्च-अप्रैल तक यह अपग्रेडेशन पूरा हो जाएगा और अगले सर्दी मौसम से पहले सिस्टम पूरी तरह सक्रिय होगा।
उम्मीद:
इस अपग्रेडेशन के बाद चंडीगढ़ एयरपोर्ट की खराब मौसम में उड़ानों की क्षमता और विश्वसनीयता में सुधार होगा। यात्रियों को कोहरे के दौरान उड़ानों में बार-बार रद्दीकरण या देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।