चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार शाम इंडस्ट्री-लेबर फ्रेंडली काउंसिल की पहली बैठक में कहा कि राज्य सरकार का मुख्य फोकस विकसित उद्योग और खुशहाल श्रमिकों पर रहेगा। उन्होंने बताया कि ईएसआईसी अस्पतालों के लिए जमीन को रियायती दरों पर देने की मंजूरी दी गई है और इंडस्ट्रियल एरिया में मजदूरों के लिए सस्ती डोरमेट्री आवास बनाने की प्रक्रिया तेज़ी से जारी है। कई जिलों में इंडस्ट्रियल एरिया में जगह की कमी को देखते हुए मल्टीलेवल पार्किंग की भी योजना बनाई जाएगी।
सीएम ने कहा कि काउंसिल के माध्यम से उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों की उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि उत्पादकता में वृद्धि जीडीपी को बढ़ाएगी, जो देश और प्रदेश के विकास का मुख्य आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा में करीब दो लाख सूक्ष्म एवं मध्यम दर्जे के उद्योग इंडस्ट्रियल एरिया से बाहर चल रहे थे, जिससे उन्हें कई सरकारी सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं। अब 25 दिसंबर 2025 को लॉन्च किए गए पोर्टल के माध्यम से ये उद्योग पंजीकरण कर सकेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने लगेंगे।
सीएम सैनी ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ इंडस्ट्रियल एरिया में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम में प्लॉट ट्रांसफर करने में आ रही परेशानियों को सुलझा लिया गया है। उनका कहना था कि जब तक उद्योग निर्बाध रूप से नहीं चलेंगे और श्रमिक खुशहाल नहीं होंगे, तब तक प्रदेश आर्थिक रूप से आगे नहीं बढ़ सकता। दोनों वर्गों के बीच तालमेल बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडस्ट्री-लेबर फ्रेंडली काउंसिल इसी मैत्री और सहयोग की भावना को ध्यान में रखकर बनाई गई है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने इस तरह की काउंसिल का गठन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रमुख प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव यशपाल समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।