चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने सोमवार को पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में सिख छात्र संगठनों से जुड़े छात्रों के साथ प्रशासन द्वारा कथित सख्ती और उनके धार्मिक प्रतीकों के अनादर की निंदा की। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है।
जारी बयान में उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ के कार्यक्रम को लेकर विवाद हुआ था। यदि कुछ छात्रों को इस कार्यक्रम पर आपत्ति थी, तो विश्वविद्यालय प्रशासन का कर्तव्य था कि वह उनकी बात सुने, न कि जबरदस्ती या दबाव का सहारा ले।
गियानी गर्गज ने बताया कि विवाद के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन कुछ दिन पहले उनसे समाधान के लिए संपर्क में आया था। उन्होंने प्रशासन को एक समाधान भी सुझाया था, लेकिन उनके अनुसार विश्वविद्यालय ने इसे गंभीरता से लेने के बजाय मनमाने तरीके से कार्रवाई की, जिस पर सख्त संज्ञान लिया गया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चंडीगढ़ पुलिस ने छात्रों के साथ धक्का-मुक्की की, लाठीचार्ज किया और कुछ सिख छात्रों की पगड़ी उतार दी तथा उनके धार्मिक प्रतीकों (ककार) का अनादर किया। उन्होंने इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय और पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।