चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में 1 अप्रैल से शराब की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी होने जा रही है। प्रशासन ने 2026-27 की नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत देशी शराब, इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL), भारतीय बीयर और भारतीय वाइन की कीमतों में अधिकतम 2% तक वृद्धि की जाएगी। हालांकि, आयातित वाइन, आयातित बीयर और विदेशी शराब की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नई नीति के तहत शहर में मौजूद 97 रिटेल शराब ठेकों के लिए कुल रिजर्व प्राइस 454.35 करोड़ रुपये तय किया गया है, जो पिछले साल के 444 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक है। अधिकारियों के मुताबिक इस बदलाव से प्रशासन को ज्यादा राजस्व मिलने की उम्मीद है। आबकारी विभाग ने 2026-27 के लिए करीब 950 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है।
नीति में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कुछ नए नियम भी जोड़े गए हैं। पिछले साल ठेकों की नीलामी में एक ही परिवार के कई सदस्यों द्वारा ठेके लेने के मामले सामने आए थे। इसे रोकने के लिए नई नीति में ‘परिवार’ की स्पष्ट परिभाषा तय की गई है, ताकि एक ही परिवार के लोगों द्वारा बड़ी संख्या में ठेके लेने की संभावना कम हो सके।
इसके अलावा कारोबार को आसान बनाने के लिए भी कई बदलाव किए गए हैं। अब कस्टम-अनुमोदित बॉन्डेड वेयरहाउस को चंडीगढ़ में ही होना जरूरी नहीं होगा, वे भारत में कहीं भी हो सकते हैं। साथ ही शराब की सप्लाई करने वाले वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और अतिरिक्त गोदामों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। नई नीति के तहत संगठित डिपार्टमेंटल स्टोर्स में भी शराब बिक्री की अनुमति दी जाएगी, जिससे ग्राहकों को ज्यादा सुविधा मिल सकेगी।