चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: भारतीय विदेश सेवा (2018 बैच) की अधिकारी जूही जलोटा ने सोमवार को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, चंडीगढ़ में उप पासपोर्ट अधिकारी और प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने 2015 बैच की प्रियंका मेहतानी का स्थान लिया, जो वर्ष 2023 से इस पद पर तैनात थीं। यह नियुक्ति विदेश मंत्रालय के कांसुलर, पासपोर्ट और वीजा प्रभाग के तहत नियमित रोटेशन प्रक्रिया का हिस्सा है।
चंडीगढ़ आरपीओ के प्रमुख के तौर पर जूही जलोटा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के अलावा पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में पासपोर्ट सेवाओं की निगरानी करेंगी। इस क्षेत्र में विदेश प्रवासन की अधिकता के कारण पासपोर्ट आवेदनों की संख्या काफी अधिक रहती है। यह कार्यालय लुधियाना और पटियाला (पंजाब) के साथ पंचकूला, अंबाला और हिसार (हरियाणा) जैसे जिलों को सेवा देता है।
करीब 35 वर्षीय जूही जलोटा मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली हैं और विवाह के बाद लुधियाना में बस गईं। उन्होंने डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, जालंधर से बीटेक की पढ़ाई की और सिविल सेवा की तैयारी से पहले दिल्ली में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम किया। सिविल सेवा परीक्षा 2017 में उन्होंने तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 122 हासिल की। उनका वैकल्पिक विषय दर्शनशास्त्र था।
अपने अब तक के कूटनीतिक करियर में वह मैड्रिड में थर्ड सेक्रेटरी और ब्यूनस आयर्स में कांसुलर, सांस्कृतिक व सूचना दायित्व संभाल चुकी हैं। नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय मुख्यालय में अंडर सेक्रेटरी के रूप में उन्होंने मलेशिया और फिलीपींस से जुड़े मामलों को देखा और आरटीआई मामलों के लिए केंद्रीय जन सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी भी निभाई। चंडीगढ़ में उनकी तैनाती नीति और विदेश पोस्टिंग से हटकर एक प्रत्यक्ष जनसंपर्क प्रशासनिक भूमिका मानी जा रही है।