चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: होली के मौके पर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर, पानी के गुब्बारे उछालकर और मिठाइयां बांटकर त्योहार मनाया। सड़कों पर रंगों की बौछार और गुलाल की खुशबू छाई रही। लोगों ने रिश्तेदारों से मुलाकात की और पारंपरिक मिठाई ‘गुजिया’ का स्वाद लिया।
युवाओं के समूह लोकप्रिय गीतों पर झूमते नजर आए, वहीं बच्चे छतों से रंग बरसाते दिखे। क्षेत्र के कई होटलों और रिसॉर्ट्स में रेन डांस पार्टियों के साथ खास स्नैक्स और बफे का आयोजन किया गया।
त्योहार को शांतिपूर्ण बनाने के लिए पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए। फुट और मोबाइल पेट्रोलिंग बढ़ाई गई, जबकि पीसीआर वैन और ट्रैफिक पुलिस की विशेष टीमें कई स्थानों पर तैनात रहीं। शराब पीकर गाड़ी चलाने, ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से ड्राइविंग पर सख्ती बरती गई।
पंजाब के आनंदपुर साहिब में सिख समुदाय के ‘होला मोहल्ला’ पर्व पर भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में मत्था टेका और अरदास की।
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया , हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष, पंजाब के मुख्यमंत्री भागवत मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लोगों को होली की शुभकामनाएं दीं।
अपने संदेश में राज्यपाल कटारिया ने कहा कि होली वसंत के आगमन और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की भावना से त्योहार मनाने की अपील की। वहीं हरियाणा के राज्यपाल अशिम कुमार घोष ने कहा कि होली खुशियों, आपसी सद्भाव और संबंधों के नवीनीकरण का पर्व है, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।