ताजा खबर

चंडीगढ़ में दूषित पानी की शिकायतें, केंद्र ने बताया—ज्यादातर मामलों में पाइपलाइन मरम्मत से आया गंदा पानी

Photo Source : Google

Posted On:Friday, March 13, 2026

चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है कि चंडीगढ़ के कुछ इलाकों से दूषित परियोजनाओं की सुविधाएं मिली हैं। लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि प्रशासन को मौली जागरण, दरिया और हल्लो माजरा जैसे क्षेत्रों से पानी की गुणवत्ता को लेकर सुविधाएं प्राप्त हुई थीं।

यह जवाब मनीष तिवारी द्वारा लोकसभा में उठाए गए सवाल के जवाब में दिया गया। सरकार के अनुसार अधिकांश मामलों में पानी में वास्तविक प्रदूषण नहीं बल्कि पाइपलाइन मरम्मत कार्यों और पुरानी जल आपूर्ति व्यवस्था के कारण कीचड़युक्त पानी की समस्या सामने आई। मंत्रालय ने यह भी कहा कि कई बार लोग पानी की आपूर्ति बंद रहने के दौरान निजी पंप सीधे पाइपलाइन से जोड़ देते हैं, जिससे पाइप जोड़ों पर दबाव बनता है और उसमें मिट्टी प्रवेश कर सकती है।

मंत्रालय के अनुसार पिछले तीन महीने में कुल 1,995 पानी के नमूनों की जांच कराई गई, जिन्हें नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में परीक्षण किया गया। इन जांचों में पानी की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। प्रशासन ने जलापूर्ति लाइनों की फ्लशिंग और उचित क्लोरीनेशन भी कराया है ताकि पीने योग्य पानी की गुणवत्ता बनाए रखी जा सके।

हालांकि प्रशासन ने यह भी माना कि शहर की पुरानी जल आपूर्ति प्रणाली के कारण कई जगह पाइपलाइन में लीकेज की समस्या सामने आती है। इसी को ध्यान में रखते हुए भविष्य में पुराने और क्षतिग्रस्त पाइपों को चरणबद्ध तरीके से डक्टाइल आयरन पाइप से बदलने की योजना बनाई गई है। साथ ही मौली जागरण और दरिया जैसे भूजल पर निर्भर क्षेत्रों को नहर आधारित जलापूर्ति प्रणाली से जोड़ने की भी तैयारी है।

केंद्र सरकार की योजना अटल मिशन फॉर रिजुविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन 2.0 के तहत चंडीगढ़ में 166.39 करोड़ रुपये की लागत से सात परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें दो जल आपूर्ति परियोजनाएं और पांच सीवर व सेप्टेज प्रबंधन परियोजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत लगभग 10.5 किलोमीटर नई जलापूर्ति पाइपलाइन और करीब 240 किलोमीटर सीवर नेटवर्क का निर्माण या प्रतिस्थापन किया जा रहा है।

इस मुद्दे पर सांसद मनीष तिवारी ने सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुनर्वास कॉलोनियों में समस्या की गंभीरता को कम करके दिखाया जा रहा है। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन और सीवर लाइनें जर्जर हो चुकी हैं और एक-दूसरे के पास होने के कारण पानी के दूषित होने का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने सभी पुनर्वास कॉलोनियों में जल और सीवर लाइनों का तत्काल ऑडिट कराने की मांग की है।


चण्डीगढ़ और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. chandigarhvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.