चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में हाल के दिनों में भारी कटौती की गई है। तेल कंपनियों ने फिलहाल प्राथमिकता अस्पतालों, स्कूलों और संस्थागत रसोईघरों को दी है ताकि मरीजों और छात्रों के लिए भोजन सेवाएं बाधित न हों। पहले जहां शहर में प्रतिदिन करीब 2,500 कमर्शियल सिलेंडर रेस्तरां, होटल और अन्य प्रतिष्ठानों को मिलते थे, वहीं अब यह संख्या घटाकर लगभग 500 प्रतिदिन कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार सीमित स्टॉक को मुख्य रूप से अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वितरित किया जा रहा है। शहर के विभिन्न अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों में प्रतिदिन 11,000 से अधिक मरीजों और छात्रों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च में करीब 2,000 मरीजों के लिए रोजाना लगभग 6,000 भोजन तैयार किए जाते हैं और अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल वहां भोजन सेवा सामान्य रूप से जारी है।
इसी तरह अन्य सरकारी अस्पतालों में भी रसोई व्यवस्था सामान्य रखी गई है। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल चंडीगढ़ और गवर्नमेंट मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में भी मरीजों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है और गैस एजेंसियों ने नियमित आपूर्ति का भरोसा दिया है। वहीं पंजाब यूनिवर्सिटी ने भी अपने हॉस्टलों में रहने वाले लगभग 8,000 छात्रों के लिए एलपीजी उपयोग की समीक्षा की है और गैस की बचत के लिए वैकल्पिक कुकिंग तरीकों पर विचार किया जा रहा है।
तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है और घरों तक सिलेंडर पहले की तरह पहुंच रहे हैं। कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति में कमी अस्थायी है और यह पूरे देश में की गई आपूर्ति समायोजन का हिस्सा है। सामान्य दिनों में शहर में करीब 12,300 घरेलू सिलेंडर रोजाना वितरित किए जाते हैं, जो फिलहाल बिना किसी बाधा के जारी हैं।
कमर्शियल गैस की कमी का असर रेस्तरां और क्लबों पर भी दिखने लगा है। चंडीगढ़ गोल्फ क्लब ने गैस आधारित खाना पकाने को फिलहाल बंद कर दिया है और तंदूरी व पैंट्री आधारित सीमित मेन्यू शुरू किया है। वहीं होटल और रेस्तरां भी उपलब्ध स्टॉक के आधार पर काम चला रहे हैं और जरूरत पड़ने पर तंदूरी व्यंजनों की ओर रुख कर सकते हैं। होटल उद्योग से जुड़े संगठनों ने सरकार से कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति जल्द सामान्य करने की मांग की है।
इसी बीच शहर के पेट्रोल पंपों पर भी हाल के दिनों में भीड़ देखी गई है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार लोगों में संभावित कीमत बढ़ने की आशंका के कारण अचानक मांग बढ़ी है।