चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव से कुछ महीने पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। वार्ड 23 (सेक्टर 34, 35 और 43) की पार्षद प्रेमलता ने सोमवार को पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। उनके साथ कई समर्थक भी कांग्रेस में शामिल हुए।
2021 के नगर निगम चुनाव में बहुमत के साथ सदन में पहुंची अरविंद केजरीवाल की पार्टी अब लगातार टूट का सामना कर रही है। 14 पार्षदों से शुरुआत करने वाली पार्टी अब घटकर 10 पर सिमट गई है। हाल ही में पूनम और सुमन शर्मा भाजपा में शामिल हुई थीं, जबकि 2023 में तरुणा मेहता कांग्रेस में चली गई थीं।
पार्टी छोड़ने के फैसले पर प्रेम लता ने आरोप लगाया कि आप ने 2025 और 2026 के मेयर चुनाव में भाजपा को फायदा पहुंचाया। 2025 में भाजपा के हरप्रीत बला ने उन्हें 19-17 मतों से हराया था। उस मतदान में सांसद मनीष तिवारी का वोट भी शामिल था। प्रेम लता ने कहा कि क्रॉस वोटिंग के बावजूद पार्टी नेतृत्व ने कोई कार्रवाई नहीं की और ईमानदार कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई।
2021 में 35 सदस्यीय सदन में आप ने 14, भाजपा ने 12 और कांग्रेस ने 8 सीटें जीती थीं। बावजूद इसके, 2022, 2023, 2025 और 2026 में मेयर पद भाजपा के खाते में गया। केवल जनवरी 2024 में, वोटिंग विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया के फैसले से आप उम्मीदवार को मेयर पद मिला था। अब कांग्रेस का दावा है कि आने वाले चुनाव में पार्टी सभी सीटों पर जीत दर्ज करेगी।