चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ नगर निगम ने शहरभर में 100 से ज्यादा व्यावसायिक संपत्तियों को किराये पर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कई साइट्स के लिए ई-नीलामी शुरू हो चुकी है, जबकि बाकी संपत्तियां अगले 7 से 10 दिनों में नीलामी के लिए रखी जाएंगी। नगर निगम को उम्मीद है कि इस बार बेहतर प्रतिसाद मिलेगा और खाली पड़ी संपत्तियों से राजस्व बढ़ेगा।
नीलामी की सूची में सेक्टर 17 के 39 बूथ, सेक्टर 17 स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय भवन, मौली जागरां के 40 बूथ, सेक्टर 17 से 22 अंडरपास के एक दर्जन से अधिक बूथ और शहर के विभिन्न स्थानों पर सात नर्सरियां शामिल हैं। स्मार्ट सिटी भवन का रिजर्व किराया 30 से 35 लाख रुपये प्रति माह तय किया गया है, जबकि नर्सरियों का किराया आकार के अनुसार 70 हजार से 90 हजार रुपये तक है।
अंडरपास के बूथों का बेस रेंट 26 हजार रुपये रखा गया है, सेक्टर 17 के बूथ 19 से 22 हजार रुपये प्रति माह और मौली जागरां के बूथ 5 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से उपलब्ध हैं। पहले इन संपत्तियों के लिए बोलीदाता नहीं मिल पाए थे, जिसके बाद जनरल हाउस की मंजूरी से अंडरपास के कई बूथों का बेस प्राइस 20 प्रतिशत तक घटाया गया।
मौली जागरां में कुल 105 बूथों में से 65 पहले से किराये पर हैं और अब बाकी 40 के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजी कार्य अंतिम चरण में है और अगले सप्ताह से 10 दिनों के भीतर इनकी ई-नीलामी कर दी जाएगी। बूथ मौजूदा स्थिति में ही आवंटित होंगे और मरम्मत का काम किरायेदार खुद कर सकेंगे।